Shehar - Mere Khayalon Ka

Shehar - Mere Khayalon Ka
the city of my dreams

Tuesday, September 24, 2019

बड़ा ही आसान होता है,
Sorry बोल देना,
Sorry बोल कर हाथ उठा लेना,
गलती हो गई, जो करना है कर सकते हो,

हाँ, गलती से हुई गलती को, गलती कह सकते हैं,
मगर जान-बूज़ के तो, खुरॉ़फात ही होती है...

मान लो चाईना का एक बाऊल अगर कोई आपके हाथ में दे,
कहे "इसे संभाल के रखना",
और आप ऊसे गिरा देते हो,
तो Wabi-Sabi से ऊसे जोडा़ जा सकता है,
और भी खूबसूरत बनाया जा सकता है,
पर यार,
ये Wabi-Sabi किये हुवे बाऊल को अगर तुम तोड़ देते हो,
तो वो सिर्फ़ एक बदसूरत सा, बदनुमा सा खिलवाड़ बन के रह जाता है...

मत करो यार,
अगर आप किसी चीज़ को संभालने की झिम्मेदारी नहीं ले सकते,
तो ऊसे पड़ी रहने दो...
ऊठाओ मत,
तोडो मत,
Don't just ruin it by trying your luck...

 क्योंकि आपकी ईस शर्मनाक हरकत के बाद,
कोई ऊसका खरीद-दार नहीं रहेगा,,,
होगा तो बस बिखरना, बिखरना और खाक मैं शामिल होना ।

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