Shehar - Mere Khayalon Ka

Shehar - Mere Khayalon Ka
the city of my dreams

Sunday, December 9, 2018

The Road Not Taken - एक रास्ता जो मैंने नहीं लिया,,,


"The Road Not Taken" by Robert Frost


Two roads diverged in a yellow wood,
And sorry I could not travel both
And be one traveler, long I stood
And looked down one as far as I could
To where it bent in the undergrowth;

Then took the other, as just as fair,
And having perhaps the better claim,
Because it was grassy and wanted wear;
Though as for that the passing there
Had worn them really about the same,

And both that morning equally lay
In leaves no step had trodden black.
Oh, I kept the first for another day!
Yet knowing how way leads on to way,
I doubted if I should ever come back.

I shall be telling this with a sigh
Somewhere ages and ages hence:
Two roads diverged in a wood, and I—
I took the one less traveled by,
And that has made all the difference.

चलो, माना की फ़्रोस्ट ने यह कविता अपने दोस्त को छेड़ने के लिए ही लिखी थी,
पर फिलोसोफी के तौर पे यह कविता एक आला दरज्जे पर सवार है...

एक रास्ता जो मैंने नहीं लिया,,,

पतझड़ के उस जंगल मे मुझे एक दोराहा मिला,
और मुझे दर्द है की में उन दोनों पर नहीं चल सकता था,
एक यात्री होने के नाते में देर तक वहीं खड़ा रहा,
और जहां तक देख सकता था, उस एक रास्ते को मैंने देखा किया,
वहाँ तक, जहां तक मेरी नझरे पहुंची...

फिर दूसरा जो उतना ही उचित था, उस पर चल पड़ा,
और शायद दावा करने के लिए वही रास्ता बेहतर था,
क्यूंकी पहला तो हरी घास से तर होते हुए भी घिसा हुआ था,
वास्तव में वो रास्ता घिसा हुआ था,
मेरे पेहले वहाँ आनेवालों के पाँवो तले...

और उस सुबहा मुझे दोनों रास्ते एक जैसे ही दिख रहे थे,
सूखे बिखरे पत्तों मे से एक भी कदम वापिस मूड़ा नहीं दिख रहा था,
ओह, मैंने वो पहला रास्ता किसी और दिन के लिए छोड़ दिया,
हालाँकि, ये जानते हुए भी की किस तरह रास्ते बढ़ जाते हैं,
मुझे आशंका थी की कभी मुझे वापसी करनी पड़ेगी

और एक आह के साथ मैं ये कहूँगा,
अभी से कई सदियों के बाद शायद,
एक दो-रहा मिला था उस पतझड़ के जंगल में, पर मैंने-
वो रास्ता लिया जिसपर बहोत ही कम लोग चले थे...
और आज में जो भी हूँ, वो उसी की वजह से हूँ।।।



-        ---- बड़ी ही सिफ़त से यहाँ फ़्रोस्टने एक इंसानी रवैये की वकालत करते हुए कहा है की जो लोग Safety या Security या सुविधा की भावना को छोड़ कर अपने एक नए ही रास्ते की ओर आगे बढ़ते है, वो अंत में अपनी मंज़िल जरूर हांसील कर लेते हैं....

Sunday, December 2, 2018

The love of my life...


खुले आसमान के तले एक Canopy बंधी हुई है।

सफ़ेद पर्दे हैं, और सफ़ेद फूलों की छत बिछी है।

छत के नीचे एक डाइनिंग टेबल है, साथ मे सिर्फ दो ही कुर्शीयां लगी हुई है,

एक Nicolas Feuillatte की गहरी धानी बोतल,और साथ मे है शीशे के दो प्याले,

टेबल के बीचो-बीच Candel-Holder में जल रही कुछ आधी सी मौमबत्तियाँ,

ठंडी हवाओं की मद्धम लहरें,

और,

म्यूज़िक सिस्टम पर बज रही है Van Beethoven की कोई गहरी झिलमिलाती तरन्नुम...

इंतज़ार है उनका हवाओं को,
आश है उनकी खलवतों को,
सब्र भी अब तो पिघल रहा है हौले हौले,
दीदार की बेकरारी है निगाहों को...

मै Black Tuxedo पहने चाँद को देखता खड़ा हूँ,
कितना खूबसूरत है वो चाँद भी, बिलकुल मेरे चाँद की तरहा,
मेरा चाँद जिसके आने की मेन बे-सब्री से राह तक रहा हूँ...

और तभी हवा की सरसराहट ने मुझे बताया,
की पीछे मेरी Wooden Villa का दरवाज़ा खोल कर,
दो नाज़ूक कदमों की आहट मेरी और बढ़ रही है,
मेरे दिल मे मूड़ कर उसे देखने की तलब सी लगी है,

पर,
पर मुझे वो शर्म, वो लज़्जा मेहसूस करनी है,

कुछ दूरी पर वो रुक गई,

उसकी दबी दबी साँसे मेरे कानों में गूंज रही है,
मैंने मुड़कर पीछे देखा,
दिल जोरों से धड़क उठा,

वो खड़ी है,
मुझसे कुछ पाँच कदम की ही दूरी पर,
Black Chiffon के Strapless Gown मैं,
किसी  French चित्रकार की कल्पना की तरहा,
उसकी आँखें झुकी हुई है, किसी अंजान बौज़ से,

As simple as a woman can ever be,

यूं तो किसी गहने की उसे ज़रूरत ही नहीं है,
पर,
हाथों में कोहनी तक पहने हुवे दस्ताने,
सर पे नम गुलाबी Roses का Headpiece,
कानों में जैसे पानी की बूंदों से बने हुवे Swarovski Crystal के झुमके,
कोई अनोखा कहर ढ़ा रहें हैं,

उसके गले में Silver की एक साधी सी Chain है,
और उसमे एक Black Whole Sapphire का Pendant है,
वो तो जैसे उसके मखमली सीने पर आराम फरमा रहा है,
और अब मुझे उस Pendant से ज़लन हो रही है,

ना जाने कितने वक़्त से मैं उसे यूँ ही घूरता हुवा खड़ा हूँ,
कितनी सदियों से,
कितनी ज़िंदगियाँ मैंने उसके इंतज़ार मैं बिताई है मुझे याद नहीं,
वक़्त जैसे इसी पल में थम गया है,
उसके Favourite गाने की तरहा...

चुपके से सुन इस पल की धुन,
इस पल में जीवन सारा,
सपनों की है दुनिया यही,
मेरी आँखों से देखो ज़रा...

और उसने आँखें ऊंची कर के देखा,

उनसे मिली नज़र के मेरे होश उड़ गये,
ऐसा हुआ असर के मेरे होश उड़ गये...

उसकी आँखों में कोई परेशानी सी झलक रही है,
कुछ शर्म सी है, कुछ मस्ती मस्ती भी है,
अनखुली Champagne की बोतल का नशा जैसे उस पर सवार है,
उसकी आँखों में लाल रँग के ड़ौरे पड़ रहें हैं,

मैंने आगे बढ़कर अपना हाथ उसके सामने बढ़ा दिया...

May I have the pleasure of the dance of the evening My Lady???

और उसने मुस्कुराते हुवे अपना हाथ मेरे हाथों मे रख दिया,

मैंने उसे अपनी और खींच कर उसकी कमर पर हाथ रख दिया ,

म्यूज़िक सिस्टम पर Baby, it's you का Jazz Version बज़ रहा है,

एक स्टेप,
दूसरा स्टेप,
और डांस नोट्स के साथ साथ आगे बढ़ रहा है,

दो बदन हवा के संग संग यहाँ से वहाँ ज़ूम रहें हैं,
उसका सर मेरे सिने पर ढल गया है,
तेज़ चल रही हैं सांसें, थिरक रहें कदम,
उसके सर पर घुम रहा मेरा है हाथ,

और अचानक उसके दाहिने कान की लौ के पीछे से पसीने की एक बूंद सरकती हुई उसकी गर्दन
तक आ जाती है,
और मैं बेबस हो कर उसे अपने होंठों से धर लेता हूँ,

एक आह के साथ वो मेरा नाम पुकारती है,

और मैं भी जवाब में उसके कान के पास अपने होंठ ले जाकर उसे पुकारता हूँ...
मेरी गर्दन पर उसके नाख़ुन भीतर तक गड़ जाते हैं,
जो हंमेशा अपनी गहरी छाप छोड़ जाएंगे...




लम्हें मिले जो संग तेरे, बस देखा किया मैं तुझे,
चाहत का सजदा अदा अब, कैसे करु मैं तुझे !!!
है जो साँसें सीने में अपने, करता हूँ नाम तेरे,
अपनी मुहोब्बत को बयां अब, कैसे करु मैं तुझे !!!

Thursday, November 29, 2018

वो कहते हैं के हम ताज-महाल को राम-महाल बना देंगे...



वो कहते हैं के हम ताज-महाल को राम-महाल बना देंगे...
पर साहब, भीतर सोयी मुमताज़ को कहाँ दफनाएंगे???

मुहोब्बत के उस मुजस्सीमे को भी भगवा पहनायेंगे...
प्रेम-गीत की जगह अब तो भजन-जग्रता करवाएँगे...

पृथ्वीराज तक को नहीं छोड़ा हम ने, कान्हा को भी तो सताया है,
क्या सोचा शाहजहाँने, हम इश्कबाज़ी यूँ सेह जाएंगे???

इस्लाम और हिंदुता अगर धर्म है, 
तो मुहोब्बत क्या चीज़ है यारो,
इंसानियत सड़ रही है पड़ी कोने में,
मुहोब्बत को तो मत मारो...

छोड़ के सारे भेद-भाव 
चाहे इतिहास को तुम बदल डालो,
इंसानियत सड़ रही है पड़ी कोने में,
मुहोब्बत को तो मत मारो... 
मुहोब्बत को तो मत मारो...

Sunday, November 11, 2018

Shehar - Mere Khayalon Ka...


Wo dusre shahron se alag nahi hai,
Par wo koi aam shehar bhi to nahi hai...

Bhid me bhi,,,
har ek ka apna chehra hai wahan,,,
khwab hai,
ummidein hain,
betaabiyan hain,
jazbaat hain,
muskaan hai labon pe kahin,
kahin pe aarzoo hai...

Har ek dil me,,,
jhunzalata hua ek dariya hai wahan,,,
ansoo hai,
gussa hai,
pyar hai,
nafraat hai,
gila hai kisise,
kisise shikwa bhi hai...

Har ek nigah,,,
kuchh dhundhti rehti hai wahan,,,
tilism hai,
noor hai,
sarmaya hai,
fayyah hai,
saya hai kisi apne ka,
kisi apne ko kahi khoya bhi hai...


Mera shehar,
ek zinda dhadakta dil hai...
Jo kisi aam shehar ki taraha bejaan nahi hai...

Mera Shehar,
Mere Khayalon Ka Shehar...
Koi aam shehar nahi hai...